मुक्तेश्वर (उत्तराखंड) से विशेष रिपोर्ट
मीडिया मैप नेटवर्क
हिमालय की शांत वादियों में स्थित गहना (मुक्तेश्वर) का रमा राजेश्वरी भवन इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा और मीडिया जागरूकता का अद्भुत केंद्र बना हुआ है। बीके मीडिया समन्वयक (दिल्ली) के लिए आयोजित पांच दिवसीय “अध्यात्मिक मीडिया संचार” प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय और प्रेरणादायक वातावरण में हुआ।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न कोनों से पहुंचे ब्रह्म कुमारी बहनों और ब्रह्म कुमारों का एक दिव्य संगम देखने को मिला, जिसने पूरे परिसर को आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर दिया। परिचय सत्र प्रेरण प्रशिक्षण (इंडक्शन ट्रेनिंग) के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें मीडिया के माध्यम से आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार की दिशा और आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
इस प्रशिक्षण में बीके सुनीता दीदी,चार दशकों से ब्रह्माकुमारी सेवा से जुड़े बीके सुशांत भाई एवं बीके गणेश भाई ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि आज के दौर में मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का सशक्त साधन है। वहीं स्कूल ऑफ इंटीग्रेटेड मीडिया स्टडीज (SIMS) के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रोफेसर प्रदीप माथुर ने मीडिया की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आध्यात्मिक दृष्टिकोण को पत्रकारिता में समाहित करने की आवश्यकता बताई।
मीडिया मैप के मैनेजिंग एडिटर चन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि “जब मीडिया में सकारात्मकता और आध्यात्मिकता का समावेश होता है, तब वह केवल खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए दिशा बन जाती है।”
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों द्वारा मातृशक्ति स्वरूपा ब्रह्म कुमारी बहनों एवं देवतुल्य ब्रह्म कुमारों का भव्य स्वागत किया गया। साथ ही पांच दिवसीय प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें संवाद कौशल, सकारात्मक पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया की भूमिका और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार जैसे विषय शामिल हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था के लगभग 25 सदस्य सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जो आने वाले दिनों में मीडिया के क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना के वाहक बनकर उभरेंगे।
गहना की पावन धरती पर प्रारंभ हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक ऐसा अभियान है, जो मीडिया को नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर मोड़ने का संकल्प लिए आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह पहल समाज में एक नई चेतना और सशक्त संवाद की नींव रखेगी।
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