अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भारत पर बादाम और सेब के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि भारत उच्च तकनीक और बड़े पैमाने पर व्यापार संबंध चाहता है। अमेरिका से आयात बढ़ने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से, अमेरिका ने स्टील और एल्युमीनियम जैसे उत्पादों पर शुल्क लगाया है, जिससे भारत ने संभावित दीर्घकालिक प्रभावों पर चिंता जताई है।
यू.एस. ने अफगानिस्तान और ईरान जैसे पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं को पीछे छोड़कर अपने बड़े आकार के नट्स—बादाम, अखरोट और पिस्ता—भारतीय बाजार में उतारे हैं। भारतीय खरीदारों को ये उत्पाद पसंद आ रहे हैं, जो भारत के कम शुल्क और स्वास्थ्य जागरूकता के कारण संभव हुआ है। अमेरिका इस रणनीति से चीन की तरह भारत में व्यापारिक दबदबा बनाना चाहता है।
भारत का नट्स आयात 2021 में $1 बिलियन से अधिक हो गया था, जिसमें बादाम के आयात का 92.3% और पिस्ता का 86.7% अमेरिका से आया। अमेरिकी कृषि उत्पादों पर बढ़ती निर्भरता भारत के स्थानीय उद्योगों के लिए चुनौती बन रही है, क्योंकि सस्ते आयात से घरेलू उत्पादकों को नुकसान हो रहा है।
स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने वाले खरीदार अनजाने में पड़ोसी देशों की तुलना में कम गुणवत्ता वाले लेकिन बड़े आकार के उत्पाद खरीद रहे हैं। भारत में बादाम का स्वदेशी उत्पादन 2024 में 4150 टन था, जबकि अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार भारत की अनुमानित मांग 1.9 लाख टन थी।
भारत ने कृषि उत्पादों, प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल्स के आयात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। कुछ उत्पादों पर 7 से 29 प्रतिशत तक का शुल्क लगाया गया है, जिससे व्यापार समझौतों के तहत ऑस्ट्रेलिया से भी कुछ आयात हुए हैं। भारत में सस्ते या सब्सिडी वाले आयात ने स्थानीय उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है।
2008 से, भारत का बादाम आयात 5.5 गुना बढ़ गया है।
भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंध जटिल हो गए हैं। जहां भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उच्च तकनीकी व्यापार को प्राथमिकता देना चाहता है, वहीं अमेरिका अपने कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में तेजी से बढ़ा रहा है। अमेरिका से बढ़ता आयात भारत के व्यापार संतुलन और स्थानीय उद्योगों के लिए चुनौती बन सकता है। भारत को अपने कृषि उत्पादन को बढ़ाने और व्यापार नीतियों को मजबूत करने की जरूरत है ताकि स्वदेशी उत्पादकों की रक्षा की जा सके।
**************
We must explain to you how all seds this mistakens idea off denouncing pleasures and praising pain was born and I will give you a completed accounts..
Contact Us